आईपी एड्रेस की पूरी जानकारी 2022

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आईपी एड्रेस की पूरी जानकारी इन हिंदी।

नमस्कार दोस्तों आपका हमारी वेबसाइट पर स्वागत है आज की इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं आईपी एड्रेस के बारे में आज की इस पोस्ट में हम विस्तार से आपको आईपी एड्रेस के बारे में पूरी जानकारी देंगे। दोस्तो आप में से ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें आईपी एड्रेस के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है अगर आपको भी आईपी ऐड्रेस के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। और आप ऐसे ही किसी पोस्ट की तलाश में लगे हुए हैं जहां पर आपको आईपी ऐड्रेस के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

तो दोस्तों आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप बिल्कुल सही पोस्ट पर आ चुके हैं इस पोस्ट पर आने के बाद आप आईपी ऐड्रेस के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से जान जाएंगे। तो चलिए दोस्तों आगे बढ़ते हैं और इस पोस्ट को विस्तार से जानते हैं। दोस्तों जाहिर सी बात है अगर आप हमारी इस पोस्ट पर खोज करते हुए आए हैं। तो आपके पास जरूर स्मार्टफोन होगा तो आपने कभी ना कभी ip-address का नाम तो सुना ही होगा।

आईपी एड्रेस की पूरी जानकारी !

आईपी एड्रेस एक महत्वपूर्ण फीचर होता है जोकि डिवाइस के बीच का एक संचार होता है और यह आईपी एड्रेस किसी भी डिवाइस में एक संचार के रूप में कार्य करता है। और इसी की सहायता से एक डिवाइस को दूसरे डिवाइस से कनेक्ट किया जाता है तो चलिए जानते हैं कि आखिर आईपी एड्रेस क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है।

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1) What is ip address.

दोस्तों आपने देखा होगा आज की इस इंटरनेट की दुनिया में ऐसे बहुत सारे तत्व हैं जिनकी सहायता से एक जगह से दूसरी जगह पर डाटा ट्रांसफर किया जाता है और इन्हीं इंटरनेट तत्वों मैं से एक तत्व आईपी एड्रेस भी होता है।

और बात करें आईपी ऐड्रेस के पूरे नाम की तो इसका पूरा नाम है इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस इसे हम हिंदी में इंटरनेट प्रोटोकोल एड्रेस भी कह सकते हैं। और यह गणितीय अंकों के रूप में होता है आपका फोन स्मार्टफोन हो या आपके पास कंप्यूटर हो प्रत्येक डिवाइस के लिए अलग-अलग आईपी एड्रेस होता है।

आईपी एड्रेस एक तरह का डिवाइस का नाम होता है और इसे इंटरनेट की दुनिया में ip-address के नाम से जाना जाता है तथा आईपी ऐड्रेस कहा जाता है।

आप बिना आईपी ऐड्रेस के एक डिवाइस को दूसरे डिवाइस के साथ नेटवर्क कनेक्ट नहीं कर सकते इसलिए ब्राउज़र में किसी भी विषय पर सर्च करने के दौरान आपको आईपी ऐड्रेस से Router ज्ञात होता है। कि उसे यह डाटा कहां पहुंचाना है और रोटर जानकारी एकत्रित करने के बाद उस आईपी ऐड्रेस तक जानकारी पहुंचाता है।

दोस्तों यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि कंप्यूटर के लिए दो आईपी एड्रेस हो सकते हैं सबसे पहले इंटरनेट कनेक्शन के लिए और दूसरा लोकल एरिया नेटवर्क के रूप में मौजूद हो सकता है।

2) IP address version.

आईपी एड्रेस के दो संस्करण होते हैं सबसे पहला ipv4 एड्रेस जिसे 1983 में विकसित किया गया था ipv4 32 बिट होता है। ipv4 आपको कुछ इस प्रकार से दिखाई देता है। 172.16.254.1 जिसे चार भागों में विभाजित किया गया है। और इसे दशमलव से अलग किया गया है और इसकी प्रत्येक रेंज जीरो से लेकर 255 तक होती है इस में से प्रत्येक भाग 8 बिट्स का होता है।

आज के समय में लगभग सभी डिवाइस में आईपी ऐड्रेस उपलब्ध होता है आमतौर पर ipv4 वायनरी एक्साइड डेसीमल आदि के रूप में दिखता है। लेकिन ipv4 में केवल सीमित आईपी एड्रेस हो सकते हैं।

और आईपी एड्रेस के दूसरे संस्करण के बारे में बात करें तो दूसरा ipv6 है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या के कारण ipv4 संस्करण के स्थान पर ip6 संस्करण को विकसित किया गया है। जिसमें की असीमित आईपी एड्रेस तैयार किए जा सकते हैं।

इस आईपीसी संस्करण में आप असीमित आईपी एड्रेस तैयार कर सकते हैं क्योंकि ipv4 में केवल 32bits होते हैं वहीं पर अगर आईपीवी6 की बात करें तो इसमें 128 बिट्स हैं। ipv6 को एक बड़े स्तर पर लांच किया गया है जिसमें अनेक उपयोगी तकनीकों को जोड़ा गया है इससे यह किसी रोटर के पूरे नेटवर्क को ऑटोमेटिक बदल सकता है। और वर्तमान में आधुनिक डेस्कटॉप तथा सरवर में ipv6 का सबसे ज्यादा सपोर्ट होता है।

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3) Types of IP Addresses.

दोस्तों हम आपकी जानकारी के लिए लिए बता दें आईपी एड्रेस दो प्रकार के होते हैं सबसे पहला प्राइवेट आईपी एड्रेस और दूसरा पब्लिस आईपी ऐड्रेस हम यहां पर दोनों एड्रेस के बारे में जानकारी देने वाले हैं आप उसे फॉलो कर सकते हैं।

1) Private IP Address.

दोस्तों हम बता दें प्राइवेट आईपी ऐड्रेस जब आप मोबाइल तथा कंप्यूटर मैं एक से अधिक डिवाइस किसी केबल या वायरलेस के रूप में कनेक्ट होती हैं। तो यह प्राइवेट आईपी ऐड्रेस का निर्माण करते हैं इसमें कनेक्ट किए गए सभी डिवाइस को आईपी ऐड्रेस को प्राइवेट ऐड्रेस कहा जाता है।

2)Public IP address.

दोस्तों पब्लिक आईपी एड्रेस दो प्रकार के हो सकते हैं सबसे पहला स्टैटिक आईपी ऐड्रेस जिसे isp यानी कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा किसी सरवर को एक्सेस करने के लिए खरीदा जाता है। पब्लिक आईपी ऐड्रेस इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा दिया जाता है जिसे हम लोगों द्वारा नहीं बदला जा सकता। तथा यह एड्रेस सब से अलग होता है जैसे, एक वेबसाइट, डीएनएस सर्वर आदि।

दूसरी ओर यह एड्रेस डायनेमिक आईपी ऐड्रेस इंटरनेट कनेक्शन पर आधारित होता है और यह कंप्यूटर के इंटरनेट से कनेक्ट होने पर स्वत: बदल जाता है।

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4) IP address history.

अब हम बात करते हैं आईपी ऐड्रेस के इतिहास के बारे में तो दोस्तों जैसा कि हमने आपको बताया है आप इस दुनिया में दो आईपी ऐड्रेस का इस्तेमाल कर सकते हैं। और आज की दुनिया में दो आईपी ऐड्रेस का इस्तेमाल किया जा रहा है पहला ipv4 और दूसरा ipv6 आईपी ऐड्रेस का मूल संस्करण 1983 में विकसित किया गया था।

Ipv4 ऐड्रेस 32 बिट का होता है जिसमें 4,297,967,296 ऐड्रेस स्पेस सीमित होता है और ipv4 में कुछ विशेष एड्रेस विशेष कार्यों के लिए प्राइवेट नेटवर्क तथा Multicast Addressing आरक्षित हैं।

आमतौर पर ipv4 की बात करें तो Dot-Decimal Notation के रूप में दर्शाया जाता है जिसमें 4 गणितीय अंक होते हैं। तथा प्रत्येक रेंज 0 से लेकर 255 बिंदुओ के रूप में विभाजित होता है प्रत्येक भाग 8 बिट्स का बना होता है।

दोस्तों समय के साथ बढ़ते हुए इंटरनेट यूजर्स के कारण उपलब्ध आईपी एड्रेस में कमी के कारण 1995 में आई पी एड्रेस में 132 उपयोग कर नया डिजाइन लाया गया। जिस सिस्टम को इंटरनेट प्रोटोकॉल सिक्स के नाम से जाना जाता है ipv6 तकनीक को वर्ष 2000 तक विभिन्न टेस्टिंग प्रक्रिया के दौर से गुजारा गया। तब जाकर कर्मीसीयल उत्पादन की शुरुआत हुई।

वर्तमान युग में ipv4 तथा ipv6 दोनों का आधुनिक डिवाइस में प्रयोग किया जाता है। दोनों आईपी संस्करण में तकनीकी बदलाव के कारण आईपी ऐड्रेस फॉर्मेशन में विभिन्नता देखी जा सकती है।

निष्कर्ष

दोस्तों आज की इस पोस्ट में आप लोगों ने आईपी एड्रेस के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त की है अगर आपने हमारी इस पोस्ट को सही से फॉलो किया है। तो आपने जाना होगा कि ip-address कितने प्रकार के होते हैं तो दोस्तों इस पोस्ट में हमने आपको पूरी जानकारी विस्तार से बता रखी है उम्मीद है आपको पसंद आई होगी।u.

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हेलो नमस्कार दोस्तों मेरा नाम Sonam Rajawat है और मैं Agra Uttar Pradesh की रहने वाली हूं, और मैं ग्रेजुएशन कंप्लीट स्टूडेंट हूं। मेरी वेबसाइट “Rajawattrick.com” बनाने का मेरा उद्देश्य था कि में इस ब्लॉग के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सकूं। इस वेबसाइट के माध्यम से मैं टेक्नोलॉजी, ब्लॉगिंग, सोशल मीडिया मेक मनी, मार्केटिंग आदि से संबंधित जानकारी टाइम टू टाइम प्रोवाइड करती रहूंगी. दोस्तों यदि आपको कोई सुझाव देना हो या कुछ पूछना हो तो आप हमें हमारी ईमेल आईडी पर कांटेक्ट कर सकते हम आपकी पूरी सहायता करने की कोशिश करेंगे। धन्यवाद।

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